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Android in Hindi : Content provider

Content Provider 

  • Introduction to android content providers in Hindi  
  • Accessing android content providers in Hindi
  • Creating android content providers in Hindi

Introduction to Content Provider

यदि आप अपनी application का डेटा दूसरी applications के साथ share करना चाहते है तो आपको अपनी application में content provider create करना होगा।

Content providers डेटा के access को manage करते है। Content providers डेटा को encapsulate करते है और डेटा को दूसरी application से security provide करते है।

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Content Provider create करने के लिए आपको Content-Provider class को extend करना होगा। जो class Content-Provider क्लास को extend करती है उसके ऑब्जेक्ट को provider object कहते है. जब आप content provider से data access करना चाहते है तो इसके लिए आपको Content-Resolver क्लास का object यूज़ करना होगा। Content provider से डेटा आप एक client की तरह access करते है। Content-Resolver provider object से communicate करता है.

एक content provider दूसरी applications को डेटा tables की form में present करता है। जिसमे row डेटा के type को represent करती है और column data के एक part को represent करता है।

कोई भी application जब किसी दूसरी application से डेटा access करना चाहती है तो वो Content-Resolver के माध्यम से एक client की तरह दूसरी application के provider object को request भेजती है। इसके बाद provider object request पर action लेता है, और results वापस भेजता है। ये किसी database से query करने जैसा ही है।

यदि आप दूसरी applications के साथ data share नहीं करना चाहते है तो आपको content provider create करने के आवश्यकता नहीं है। लेकिन यदि आप अपनी ही एप्लीकेशन में डेटा को search करना चाहते है तो आपको content provider की जरुरत होगी।

Accessing Content Provider

जैसे की मेने आपको पहले बताया content provider से डेटा access करने के लिए आपको Content-Resolver class का object यूज़ करना होता है। Content-Resolver object में कुछ methods होते है जो provider object में same नाम के methods को कॉल करते है। Content-Resolver object के methods के साथ आप डेटा के साथ basic operations जैसे की create, retrieve, update और delete परफॉर्म कर सकते है।

Content-Resolver में भी वही methods होते है जो Content-Provider में होते है। इसलिए जब आप Content-Resolver से कोई method कॉल करते है तो वो method same नाम के मेथड को Content-Provider में कॉल करता है।

उदाहरण के लिए आपकी application content को access करने के लिए Content-Resolver
से query() method कॉल करती है तो ये मेथड जो Content-Provider के query() method को कॉल करेगा। Content provider में यूज़ होने वाले methods नीचे दिए जा रहे है।


Content provider में बहुत सा डेटा available रहता है आप कोनसा data access करना चाहते है ये आपको खुद define करना होता है। इसके लिए आप content U-R-I का का यूज़ करेंगे। Content U-R-I वो U-R-I होता है जो content provider में डेटा को identify करता है। Content U-R-I में पहले आप content provider का नाम देते है फिर आप जो table access करना चाहते है उसका नाम देते है।  


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