CCNA in Hindi : UDP (User Datagram Protocol)

UDP (User Datagram Protocol)

  • Introduction to UDP(User Datagram Protocol) in Hindi
  • Characteristics of UDP (User Datagram Protocol) in Hindi 
  • UDP(User Datagram Protocol) header in Hindi 

Introduction to UDP (User Datagram Protocol) 

UPD (User Datagram Protocol) एक transport layer connection less protocol है। इस protocol को RFC 768 में define किया गया है। UDP एक unreliable protocol है यानि की ये data के पहुँचने की guarantee नहीं देता है। UDP सिर्फ segments को forward करता है इसके बाद उस segment का क्या होता है इससे UDP को कोई मतलब नहीं होता है। UDP में three way handshake, flow control, sequencing और data का acknowledgment भी नहीं होता है।

UDP के connection less होने से मतलब है की जब data का transfer होता है तो sender और receiver के बीच में कोई connection establish नहीं किया जाता है।

TCP के comparison में देखा जाये तो UDP एक बहुत ही fast service है क्योंकि इसमें extra काम जैसे की acknowledgment, sequencing आदि कुछ भी नहीं होता है। जँहा पर आपको reliability की जगह speed की आवश्यकता हो वँहा पर आप UDP को यूज़ कर सकते है।

TCP की तरह ही UDP भी checksum के द्वारा basic error checking provide करता है। एक ही host पर चलने वाली बहुत सी applications को UDP port numbers के द्वारा differentiate करता है।

Characteristics of UDP 

निचे UDP की कुछ characteristics दी जा रही जो इसे दूसरे protocols से अलग बनाती है। 
  • UDP एक unreliable service है इसमें data delivery की कोई guarantee नहीं होती है। 
  • UDP basic error checking provide करता है। 
  • UDP data sequencing perform नहीं करता है। 
  • UDP दूसरे protocols के comparison में बहुत ही fast है। 


A UDP Header        

UDP data के साथ एक बहुत ही simple 64 bits की header attach करता है। इसमें सिर्फ 4 fields होते है। इन fields के बारे में निचे दिया जा रहा है। 
  1. Source port - इस field की size 16 bit होती है। ये Source के port को carry करता है।   
  2. Destination port - 16 bits के इस field में destination port number carry किया जाता है। 
  3. Length - इस field में header और data की length stored होती है।  
  4. Checksum - ये field basic error checking के लिए यूज़ किया जाता है।     

 Source port (16 bit)
 Destination port (16 bit)
 Length (16 bit)
 Checksum (16 bit)
 Data


TCP vs UDP 

हालाँकि TCP और UDP को differentiate करना इतना मुश्किल नहीं है लेकिन फिर भी निचे इनका comparison दिया जा रहा है जिससे से आप दोनों को differentiate कर सकते है।

TCP (Transmission Control Protocol)  
 UDP (User Datagram Protocol) 
TCP connection oriented protocol होता है।   
UDP एक connection less protocol होता है।   
TCP data delivery की guarantee देता है।   
UDP data के पहुँचने की कोई guarantee नहीं देता है।   
TCP data की receipt के तौर पर acknowledgment भेजता है।   
UDP के द्वारा कोई acknowledgment नहीं भेजा जाता है।   
TCP एक बहुत ही slow service है।   
UDP बहुत fast service है।   
TCP data की sequencing करता है।   
UDP के द्वारा data की sequencing नहीं की जाती है।   
यदि कोई segment transfer के दौरान drop हो जाये तो TCP उस segment को दोबारा भेज देता है।   
Drop होने वाले segments को UDP वापस नहीं भेजता है।   
TCP window sliding के द्वारा flow control provide करता है।   
UDP में flow control नहीं होता है।   
TCP data को errors के लिए check करता है।   
UDP भी data के लिए basic error checking provide करता है।   
Different applications को identify करने के लिए TCP port numbers यूज़ करता है।   
UDP भी port numbers के द्वारा ही दूसरी applications को identify करता है।   
 

Applications of UDP

  1. UDP को Domain Name Server के द्वारा simple request response process के लिए यूज़ किया जाता है।  
  2. Bootstrap Protocol और Dynamic host control protocol भी UDP को short messages send और receive करने के लिए यूज़ करते है। 
  3. Trivial file transfer protocol UDP को बड़ी बड़ी files को send करने के लिए यूज़ करता है।  
  4. Simple Network Management Protocol messages send करने के लिए UDP का इस्तेमाल करता है। 
  5. Routing Information Protocol (RIP) routing information भेजने के लिए UDP को यूज़ करता है।    

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