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JSP in Hindi : Introduction

JSP (Java Server Pages) in Hindi 

  • Introduction to JSP (Java Server Pages) in Hindi 
  • Features of JSP (Java Server Pages) in Hindi
  • Difference between JSP (Java Server Pages) and Servlets in Hindi 
  • Working of JSP (Java Server Pages in Hindi
  • Sample example of JSP (Java Server Pages) in Hindi 

Introduction To JSP (Java Server Pages) 

JSP (Java Server Pages) एक server side technology है। इसे dynamic webpages create करने के लिए यूज़ किया जाता है। Basically इसे java web applications develop करने के लिए create किया गया है। JSP technology java API (Application Program Interface) को access कर सकती है जिससे की java based web applications create करना और भी आसान हो जाता है।

JSP technology पूरी तरह से Servlet technology के विपरीत काम करती है। Servlet technology में जँहा आप java program के अंदर HTML script को include करते है वहीँ JSP technology में आप HTML script में java program को include करते है। हालाँकि एक JSP page भी output के रूप में servlet generate करता है लेकिन JSP में coding actual servlet से कई गुना अधिक आसान होती है।   

एक JSP page HTML और JSP tags से मिलकर बना होता है। JSP tags की मदद से आप java API's को use करते है। इन tags की मदद से आप कितने भी बड़े program को आसानी से अपने webpage में include कर सकते है। इस प्रकार आप एक web application create कर सकते है जो पूरी तरह java based होगी।

उदाहरण के लिए HTML से आप सिर्फ web page design करते है। यदि आप webpage में कोई functionality add करना चाहते है या उसे dynamic बनाना चाहते है तो आप JSP technology यूज़ कर सकते है। जैसे की आप एक converter create करना चाहते है जो की binary numbers को decimal में convert करता है। इसके लिए आप logic part पूरा java में लिख सकते है और JSP की मदद से आप इसे webpage में include कर सकते है। इस प्रकार आप एक java based web application create कर सकते है।

हालाँकि web applications आप और भी बहुत सी दूसरी language के साथ create कर सकते है। लेकिन java सबसे secure, powerful और popular language है। इसलिए एक java based web application दूसरी web applications से fast, secure और better मानी जाती है। इसी वजह से आजकल ज्यादातर web application java को यूज़ करते हुए बनायीं जाती है। साथ ही ऐसे programmers जो java के साथ familiar है उनके लिए JSP technology को यूज़ करना बिलकुल आसान हो जाता है।


Difference Between Servlets and JSP Technology 

JSP के बारे में और जानने से पहले आइये देखते है की Servlets और JSP technology में क्या differences है।

JSP (Java Server Pages) 
Servlets  
JSP pages servlets से slow होते है क्योंकि इन्हें compile होकर servlet में convert होने में time लग जाता है।  
Servlets JSP से fast होते है क्योंकि ये पहले से compiled होते है और directly execute होते है।   
JSP automatic page compilation provide करती है जिससे application को बार बार deploy करने की जरुरत नहीं होती है। JSP में किये गए changes live होते है।   
जब भी आप servlet programs में कोई changes करते है तो आपको बार बार उसे compile करके run करना होता है।  
JSP सिर्फ HTTP (Hyper Text Markup Language) requests ही handle करते है।  
Servlets सभी प्रकार के protocol requests handle करते है।  
JSP में coding करना बहुत ही आसान होता है।  
Servlet programs बहुत ही lengthy होते है और उनकी coding भी बहुत difficult होती है।  
JSP में आप एक HTML script में java program add करते है।  
Servlets में आप java program में HTML script add करते है।  
JSP में logic और design separate हो जाते है।  
Servlets में logic और design combined होते है।  


Features of JSP Technology 

आइये अब JSP technology के कुछ features के बारे में जानने का प्रयास करते है।
  1. Easy to learn - JSP को सीखना बहुत ही आसान है क्योंकि आप इसमें normal HTML tags की तरह ही JSP tags यूज़ करते है। यदि आप HTML और java में comfortably applications create कर सकते है तो JSP के द्वारा भी आप आसानी से web applications create कर सकते है। 
  2. Easy to manage - JSP की मदद से logic part और designing part separate हो जाते है। क्योंकि designing आप HTML और CSS की मदद से करते है और logic java की मदद से perform करते है।  इसलिए JSP application को manage करना बिलकुल आसान होता है। 
  3. Automatic page compilation - JSP में आपको बार बार program को compile नहीं करना पड़ता है जैसे ही आप कोई changes करते है तो changes automatically apply हो जाते है। JSP आपको automatic page compilation provide करती है। इससे आप application को बार बार deploy करने की problem से बच जाते है। 
  4. JSP के साथ आपको सभी Java API available हो जाती है। उदाहरण के लिए JSP के साथ आपको JDBC API available होती है जिससे आपकी application database से communicate कर सकती है। 
  5. Reliable & Secure - जैसा की मैने आपको पहले बताया java के support की वजह से JSP दूसरी technologies से reliable और secure है।               

Working of JSP (Java Server Pages)

Java server pages की working में 4 elements महत्वपूर्ण होते है। 
  1. Web Browser
  2. Web Server
  3. JSP Engine
  4. Servlet Engine

जैसे ही client (web browser) JSP page के लिए request करता है यह request सीधे web server के पास पहुँचती है। Web server .jsp extension के माध्यम से identify करता है की ये एक JSP page के लिए request है जो की web server पर stored है। 

इस page को identify करके web server इसे further processing के लिए JSP engine को pass कर देता है। JSP engine web server पर installed होता है। Apache web server के साथ JSP engine by default enabled आता है।

Working-of-JSP-in-Hindi

JSP engine इस JSP page को servlet में convert कर देता है। इसके बाद ये servlet एक servlet engine को pass किया जाता है। Servlet engine servlet को process करता है और output के रूप में HTML page generate करता है। यह HTML page web server को pass कर दिया जाता है। आखिर में web server इस HTML page को client (web browser) को pass करता है। 

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8  Replies so far - Add your comment

  1. Very nice combination of both languages Hindi and English.

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