Programming in Hindi : What is it?

What is Programming?

  • Introduction to programming in Hindi 
  • Programming language in Hindi 
  • What is Compiler in Hindi 
  • Who is Programmer in Hindi 

Introduction to Programming 

India में हर साल लाखों students computer scientists बनते है। हालाँकि एक computer scientist सिर्फ programming ही नहीं करता है, लेकिन programming computer science का बहुत ही महत्वपूर्ण part है। इसलिए एक शुरआती programmer होने के नाते आपके लिए programming और उससे related components का concept ठीक से समझना बहुत जरुरी है। कितने ही ऐसे programmers होते है जो programming तो कर रहे होते है लेकिन उनको programming के पीछे का concept नहीं पता होता है। आइये इसके बारे में जानने का प्रयास करते है। 

आसान शब्दों में कहा जाये तो programming एक ऐसी process होती है जिसमें एक programmer CPU (Central Processing Unit) को कोई task perform करने के instructions देता है। ये task कुछ भी हो सकता है जैसे की दो numbers को add करना आदि।

Programming कुछ components से मिलकर एक समग्र रूप धारण करती है।
  1. Programming Language
  2. Compiler / Interpreter 
  3. Programmer 
इन components के बारे में निचे detail से बताया जा रहा है।

Programming Language 

Humans जब भी interact करते है तो किसी language के माध्यम से करते है। एक CPU को भी आप language के माध्यम से ही instructions देते है। ऐसी language जो CPU को instructions देने के लिए programmers यूज़ करते है programming language कहलाती है।

CPU सिर्फ binary language (0 & 1) को ही समझता है। लेकिन किसी भी human के लिए binary language में programming करना असंभव है। इसलिए simple English sentences को यूज़ करते हुए programming languages develop की गयी।

ऐसा करने से programming करना बहुत अधिक आसान हो गया। अब जैसा की आप देख सकते है हर कोई basic information प्राप्त करके programming करना सिख सकता है। लेकिन पहले ऐसा संभव नहीं था।  

Types of Programming Languages

अब तक 256 से अधिक programming languages develop की जा चुकी है। हर language को एक different purpose के लिए develop किया गया है। Purpose के according programming languages को mainly 5 categories में divide किया गया है। 
  1. Machine Language / Machine Code  - ये वो code होता है जिसे CPU directly execute करता है। Machine code hexadecimal में होता है। ये hardware के बहुत ही करीब होता है। इसे low level language भी कहा जाता है।     
  2. Assembly Language - Machine code को और भी अधिक readable बनाने के लिए assembly language create की गयी। इसमें labels को add किया गया है जिससे tasks perform करना और भी आसान हो जाता है। ये भी एक low level language होती है।       
  3. High-Level Language - High level languages hardware से independent होती है जैसे की c, c++, java आदि। इन languages का code directly machine code में convert नहीं होता है।     
  4. System Language - इस प्रकार की languages computer को manage करने के लिए यूज़ की जाती है। इन्हें low level tasks perform करने के लिए यूज़ किया जाता है। जैसे की memory management, process management आदि।      
  5. Scripting Languages -  इस प्रकार की languages system और दूसरी applications के बीच में bridge की तरह काम करती है। जैसे की PHP आदि।    

Some Common Programming Languages

यँहा पर कुछ programming languages की list दी जा रही है। इनमें से कुछ के बारे में आप सुन चुके होंगे। 
  1. C Language
  2. C++
  3. Java
  4. C# 
  5. PHP
  6. HTML
  7. JavaScript
  8. Pascal
  9. Visual Basic
  10. FORTRAN 
    

Compiler / Interpreter 

जैसा की मैने आपको बताया computer सिर्फ binary language समझता है और humans का binary में programming करना बहुत मुश्किल है। इसलिए एक ऐसा program develop किया गया जो programmers से simple English statements के रूप में instructions ले सके और उसे binary में convert करके CPU को pass कर दे। इस program को compiler कहते है।  

Compiler एक programmer और CPU के बीच bridge की तरह काम करता है। इसे आप translator भी कह सकते है। एक compiler बहुत से tasks perform करता है इनके बारे में निचे दिया जा रहा है। 
  • Compiler syntax error check करता है। यदि कोई syntax error होती है तो इसके बारे में programmer को notify किया जाता है।
  • Compiler source code को machine language में convert करता है।    
  • Compiler एक machine executable file generate करता है।  
 आइये अब interpreter के बारे में जानने का प्रयास करते है। 

कुछ languages compiler की जगह interpreter भी use करती है। Compiler और interpreter दोनों एक ही काम करते है। फर्क सिर्फ इतना होता है की compiler पुरे source code को एक साथ compile करके machine code generate करता है जिसे एक बारे में completely execute किया जा सकता है। जबकि एक interpreter एक एक instructions को machine code में convert करता है और साथ की साथ execute करता जाता है। अपनी need के according languages compiler और interpreter को यूज़ करती है।         
  

Programmer 

शुरूआती दिनों में लोग interest की वजह से programming करते थे लेकिन अब इसने एक job का रूप धारण कर लिया है। Programmer वह person होता है जिसे की किसी programming language का ज्ञान होता है। एक programmer अपने ज्ञान को यूज़ करते हुए programming language की मदद से real world problems को solve करता है।      

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