CCNA in Hindi : Addressing

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  • Hardware addressing in Hindi
  • Logical Addressing in Hindi  
  • Classes of IP addresses in Hindi

Introduction to Addressing 

Networking क्षेत्र में addressing hosts को logical और physical address assign करने की process होती है।

Unique address के माध्यम से hosts को uniquely identify किया जाता है।

Addressing 2 प्रकार की होती है।

  1. Hardware Addressing
  2. Logical Addressing 

Hardware addressing host को local area में identify करने के लिए use होती है और logical addressing host को network level पर identify करती है।

इन दोनों तरह की addressing के बारे में निचे detail से बताया जा रहा है।

Hardware Addressing 

एक hardware address की मदद से local area network में hosts को uniquely identify किया जाता है।

यदि आप OSI model के अनुसार देखे तो layer 2 (Data link layer) पर hardware addressing यूज़ की जाती है।

Hardware address को MAC (Media Access Control) address भी कहते है। MAC address को network interface cards (NIC) पर hard-code किया जाता है।

MAC address की size 48 bits होती है। एक MAC address hexadecimal form में represent किया जाता है। इसका उदाहरण नीचे दिया जा रहा है।

Example  –   06:5e:39:ad:dd:2c     

MAC address की पहली 6 digits से NIC (Network Interface Card) के manufacturer को identify किया जाता है।

इन शुरुआती 6 bits को OUI (Organizational Unique Identifier) भी कहते है। बाकी की 6 digits host को network में uniquely identify करने के लिए यूज़ की जाती है।

इन last 6 digits को host id कहते है।

network-hardware-address

MAC address के अंदर एक कमी होती है इससे से आप network को नहीं identify कर सकते है।

यदि आपको ये identify करना है की host किस network में है तो उसके लिए आप उसका IP address देखेंगे। IP addresses को logical addressing में explain किया गया है।

network-addressing-in-hindi

Logical Addressing 

OSI model के अनुसार देखे तो network layer में logical addressing यूज़ की जाती है। Logical address के माध्यम से आप किसी host को पुरे network में uniquely identify करते है।

Logical addresses एक network को दूसरे network से separate भी करते है। Logical addresses fix नहीं होते है इन्हे change भी किया जा सकता है। Logical addresses को IP address कहते है।

IP address की size 32 bit होती है। एक IP address 2 parts में divided होता है। पहला part होता है network ID जिससे ये identify किया जाता है की host का network क्या है।

दूसरा part होता है host ID जिससे से host को uniquely identify किया जाता है।

Logical addressing के लिए Internet Protocol (IP) responsible होता है। Internet protocol 2 tasks perform करता है।

पहला logical addressing और दूसरा routing। Routing के माध्यम से एक packet को सही network में forward किया जाता है।

Internet protocol 2 तरह की addressing provide करता है। एक IPV4 addressing और दूसरी IPV6  addressing होती है।

IPV4 addressing में 32 bit addresses assign किये जाते है। इस तरह के IP address में 8 bits के चार octet होते है।

network-logical-address

What is Subnet Mask? (in plain Hindi)  

जैसा की मैने आपको पहले बताया की IP address का एक part तो Network को बताता है और दूसरा part host को बताता है।

Subnet mask यही बताने के लिए होता है की पुरे IP address का कौनसा part network को represent करता है और कौनसा host को represent करता है।

हर IP address के साथ उसका subnet mask जुड़ा होता है। जिसे देख कर बताया जा सकता है की IP address किस network और किस host का है।

Subnet mask के बारे में पढ़ने से पहले आप decimal to binary और binary to decimal conversion जरूर सिख ले।

Example

IP  Address   :     192  .  10    .  2  .  1
Subnet mask :     255  .  255  .  0  .  0

IP (Binary)     :   11000000 :  00001010 : 00000010 : 00000001
Subnet mask  :    11111111 : 11111111 : 00000000 : 00000000

ऊपर दिए हुए example को देखिये IP address के साथ subnet mask दिया गया है। Subnet mask में 255 का मतलब होता है network octet और 0 का मतलब होता है host octet।

इस example में 192.10 तो network portion है जो network को represent करता है। और 2.1 host portion है जो host को represent करता है।

यदि आप binary form देखेंगे तो network portion 1 से represent किया जाता है और host portion 0 से represent किया जाता है।

Classes of IP Address             

IPV4 addresses को कई classes में divide किया गया है। IP address किस class का है ये आप IP address के first octet की range देख कर बता सकते है।

आइये इन classes के बारे में detail में जानते है।

ip-address-classes

Class A

Class A की network range 1 से 127 होती है और इस class का default subnet mask 255.0.0.0 होता है।

इसका मतलब ये हुआ की इस class के IP addresses में only first octet ही network को शो करता है और बाकी के 3 octets hosts को शो करते है।

इस क्लास में 127 network होते है और हर network में 16777214 hosts होते है।

Class B

Class B की network range 128 से 191 होती है। इस class के IP addresses का default subnet mask 255.255.0.0 होता है।

इस class के IP addresses में पहले 2 octet network को represent करते है और आखिरी 2 octet hosts को define करते है।

इस क्लास में 16384 networks होते है और 65534 hosts हर network में होते है।

Class C

Class C की network range 192 से 223 होती है। इस class के IP addresses का default subnet mask 255.255.255.0 होता है।

इस class के IP addresses में पहले 3 octet network को represent करते है और आखिरी एक octet hosts को represent करता है।

इस class में 2097152 network होते है और 254 hosts हर network में होते है।

Class D

Class D के network multicast के लिए reserved होते है। इस class के addresses का कोई subnet mask नहीं होता है।