C in Hindi : Introduction

C Introduction 

  • Introduction to C language in Hindi
  • Features of C language in Hindi
  • Applications of C language in Hindi

Introduction to C language 

C एक structured general purpose programming language है। इसे UNIX operating system को दुबारा लिखने के लिए develop किया गया था। इससे पहले UNIX operating system को B language में लिखा गया था। पूरा UNIX operating system और उस पर run होने वाले ज्यादातर programs C language में ही लिखे गए है।

B language Ken Thompson के द्वारा 1970 में Bell laboratories में लिखी गई थी। B एक type less language थी। C language को Dennis Ritchie ने 1972 में Bell laboratories में ही develop किया था। C language बहुत से data types provide करती है।

C शुरआत से ही बहुत popular रही है। आज भी C की popularity में कोई कमी नहीं आई है। किसी भी दूसरी language को सिखने से पहले C को सीखना बहुत जरुरी है। क्योंकि C के बाद जितनी भी programming languages आई उन्होंने किसी न किसी तरह C के syntax को adopt किया है।

Features of C Language

C language के कुछ अहम् features है जो उसे powerful और unique बनाते है, इनके बारे में निचे बताया जा रहा है।  

Modular 

C एक modular language है। C में एक बड़े program को छोटे छोटे modules (functions) के रूप में create किया जाता है। ऐसा करने से programs को manage और debug करने में आसानी रहती है। 

Small

C 32 reserved keywords provide करती है। ये keywords programmer को language पर control provide करते है। इन keywords की मदद से program के structure को भी modify किया जा सकता है।  

Middle Level

C एक middle level language है। C High level और low level दोनों तरह के programs create करने में सक्षम है। 

Very Fast 

C language Assembly language के बाद सबसे fast language मानी जाती है। इसे कई बार low level language भी कहा जाता है। C language hardware के बहुत करीब होती हैं। इसलिए ये दूसरी programming languages से fast होती है। 

Case Sensitive

C एक case sensitive language है। Case sensitive languages में किसी letter के capital और small variant को अलग अलग माना जाता है। इससे programmers को identifiers create करने में आसानी होती है। 

Extendable 

C एक extendable language है। C programs में libraries के द्वारा आप कभी भी नए features add कर सकते है।

Limitations of C Language

C language में कुछ ऐसी कमियाँ है जो उसे आज के modern programming परिप्रेक्ष्य में सिमित बनाती है। इनके बारे में निचे बताया जा रहा है। 

No Run Time Type Checking 

C language में run time type checking नहीं होती है। C language run time में किसी भी variable के data type को identify करने में असमर्थ होती है। उदाहरण के लिए float data type में integer value डाली जा सकती है।  

Does Not Support Object Oriented Programming

C language object oriented programming (classes, objects, interfaces आदि) को support नहीं करती है। 

No Code Re-usability 

C language code की re-usability (inheritance) को support नहीं करती है।  

No Exception Handling

C language में exceptions को run time में handle नहीं किया जा सकता है। दूसरी modern programming languages की तरह इस कार्य के लिए C में कोई keywords available नहीं है।

Applications of C Language 

C language को high level applications से लेकर low level applications तक create करने के लिए उपयोग किया जाता है। C language द्वारा create की जा सकने वाली applications की जानकारी निचे दी जा रही है। 

Operating Systems

ज्यादातर operating systems C language में ही बनाए गए है। जैसे की UNIX, Windows आदि सभी operating system C language में ही बनाये गए है।   

Compilers

किसी भी नयी programming language को compile करने के लिए compilers की आवश्यकता होती है। C language में compilers भी create किये जाते है। उदाहरण के लिए java का compiler javac भी C language में ही बनाया गया है। 

Assemblers

C language में कई प्रकार के assemblers भी create किये जाते है। Assembler basic instructions को bits में convert करते है। 

Text Editors

C language द्वारा text editors भी create किये जा सकते है। जैसे की gedit, आदि। 

Network Drivers

C language द्वारा network drivers भी create किये जा सकते है। 

Database Management Systems

C language में database systems भी create किये जाते है। जैसे की oracle database C में ही लिखा गया है।

A Simple Program in C Language

#include <stdio.h>

int main()
{
   printf("Hello Reader\n");
   return 0;
}

ऊपर दिया गया program निचे दिया गया output generate करता है। 

Hello Reader

इस tutorial में आपने C language की history, features, limitations और applications के बारे में जाना है। आगे आने वाली tutorials में आप C language में programming करना सीखेंगे। C language में programming शुरू करने के लिए आपको C language compiler की आवश्यकता होगी। C language compiler के बारे में विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए अगली tutorial पढ़ें - Installing c language compiler in Hindi

      DMCA.com Protection Status

 Leave a comment