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CCNA in Hindi – GLBP (Gateway Load Balancing Protocol)

  • Introduction to gateway load balancing protocol in Hindi
  • Features of gateway load balancing protocol in Hindi
  • Working of gateway load balancing protocol in Hindi

Introduction to Gateway Load Balancing Protocol

Gateway Load Balancing Protocol एक Cisco proprietary protocol है। यह Cisco द्वारा create किया गया है और यह protocol सिर्फ Cisco devices पर कार्य करता है।

इस protocol को create करने का मुख्य उद्देश्य एक IP network में redundancy और load balancing implement करना है।

Network Redundancy

मान लीजिये किसी host के लिए network से बाहर के resources को access करने के लिए सिर्फ एक ही gateway available है। वह host इसी gateway के द्वारा data transfer और receive करता है। 

अब यदि किसी कारणवश जैसे की hardware failure आदि की वजह gateway down हो जाता है तो वह host network के बाहर communicate नहीं कर पायेगा, क्योंकि उसके लिए कोई दूसरा gateway available नहीं है। 

इसे single point of failure कहा जाता है। जब भी gateway down होगा उस host का communication पूरी तरह रुक जाता है। Redundancy technique में इस situation को avoid करने के लिए एक multiple gateways configure किये जाते है। ऐसा करने से एक gateway के fail होने पर दूसरा gateway active हो जाता है और host का काम नहीं रुकता है। 

Load Balancing

Load balancing एक ऐसी technique है जिसमे traffic multiple routes पर balance किया जाता है। जब load balancing apply की जाती है तो traffic multiple gateways से होकर गुजरता है। इससे सिर्फ एक ही gateway पर load नहीं पड़ता है। Traffic सभी gateways में बराबर बँट जाता है।

Load balancing की वजह से data तेजी से send होता है। यदि कोई एक gateway fail हो जाता है तो traffic बाकी gateways से होकर गुजरता है।

GLBP इकलौता ऐसा protocol है जो multiple gateways पर load balancing apply करता है। यानी GLBP multiple gateways द्वारा traffic को forward करता है। इसके लिए GLBP single virtual IP address और multiple virtual MAC addresses use करता है।

इसके अलावा जो दूसरे protocols (HSRP और VRRP) use किये जाते है वे सिर्फ एक ही gateway के द्वारा ऐसा करते है जिससे data transfer होने में काफी समय लग जाता है। इन protocols में एक gateway fail होने पर secondary gateway द्वारा traffic forward किया जाता है

GLBP में जब कोई router fail होता है तो उसकी recovery automatically perform की जाती है। यह कार्य active virtual gateway selection के साथ होता है।

GLBP में active virtual gateway का selection भी automatically होता है। Administrator को manually gateways को configure करने के आवश्यकता नहीं होती है।

GLBP में सभी hosts को एक ही virtual IP address से configure किया जाता है और GLBP group के सभी routers packets को forward करने में सहयोग करते है।

Advantages of GLBP (Gateway Load Balancing Protocol)

GLBP को उपयोग करने की कुछ advantages होती है जो इसे दूसरे protocols से बेहतर बनाती है। इन advantages के बारे में निचे बताया जा रहा है। 

  • GLBP आपको सभी devices पर सभी resources को उपयोग करने की आजादी provide करता है। इसके लिए administrator को किसी प्रकार के groups create करने की आवश्यकता नहीं होती है। 
  • GLBP सभी hosts को एक single virtual IP address और अलग अलग virtual MAC address provide करता है। 
  • GLBP एक ही gateway पर traffic को forward करता है। यह traffic multiple routers से होकर गुजरता है और उनमें बराबर बाँट दिया जाता है। 
  • GLBP में router fail होने पर automatically recovery हो जाती है। 

Gateway Load Balancing Protocol Terminology

कुछ ऐसी terms है जो GLBP के साथ कार्य करते समय बार बार use की जाती है। इन terms के बारे में जानकर आप GLBP की functionality को आसानी से समझ सकते है। 

Active Virtual Gateway 

GLBP routers के group में किसी एक virtual router को active virtual gateway के रूप में चुना जाता है। इस router का कार्य यह सुनिश्चित करना होता है की protocol कार्य कर रहा है। यह protocol की functionality के लिए जिम्मेदार होता है।

GLBP routers के group में इस active virtual gateway की priority सबसे अधिक होती है। यही वह router होता है जिसे MAC address के लिए request भेजी जाती है। 

Active Virtual Forwarder

GLBP routers के group में एक router को active virtual forwarder के रूप में चुना जाता है। इस router का कार्य packets को forward करना होता है। जो MAC address active virtual gateway return करता है उसी MAC address पर traffic को forward किया जाता है। अलग अलग GLBP router groups के लिए अलग अलग active virtual forwarder हो सकते है। 

Virtual IP Address

Local subnet में से hosts virtual router को virtual IP address assign किया जाता है। इस IP address को सभी hosts share करते है। इसे hosts में gateway के रूप में configure किया जाता है।

Working of Gateway Load Balancing Protocol

GLBP function करने के लिए एक virtual IP address का प्रयोग करता है। यह virtual IP address सभी hosts पर gateway के रूप configure किया जाता है। 

अलग अलग routers जो की GLBP group में packets forward करने का कार्य करेंगे उनका IP address यही virtual IP address होता है लेकिन उनके MAC addresses अलग अलग होते है। 

यानी की जब host कोई packet send करेगा तो सभी routers में से कोई भी router gateway के रूप में use किया जा सकता है क्योंकि सभी routers का virtual IP address same है। 

HSRP और VRRP protocols में सिर्फ एक single virtual MAC address use किया जाता है। यही कारण है की इनमें traffic एक ही gateway से गुजरता है। 

जब routers को GLBP group में add किया जाता है तो सबसे पहले वे एक active virtual gateway चुनते है। यह कार्य automatically होता है। Active virtual gateway का selection priority के आधार पर होता है। जिस router की property सबसे अधिक होती है वही active virtual gateway के रूप में चुना जाता है।

यदि सभी routers की priority समान होती है तो फिर AVG का selection real IP address के आधार पर होता है। जिस router का real IP address सबसे अधिक बड़ा होता है उसी को active virtual gateway के रूप में चुन लिया जाता है।

इसके बाद AVG group के सभी routers को MAC address provide करता है। यह कार्य AVG selection के बाद होता है। हर वह router या gateway जिसे MAC address दिया जाता है वह active virtual forwarder कहलाता है।

एक GLBP group में एक समय में सिर्फ 4 ही active virtual forwarder हो सकते है। यदि किसी group में 4 से अधिक gateways होते है तो बाकी के gateways को standby पर रखा जाता है। ऐसे gateways stand by virtual forwarder कहलाते है।

Load Balancing Algorithms

GLBP में load balancing के लिए निचे दी जा रही algorithms में से किसी एक को use किया जाता है। 

  • Round robin load balancing algorithm – यह GLBP में load balancing के लिए use की जाने वाली default algorithm है। यह algorithm कितने भी hosts के साथ कार्य कर सकती है। 
  • Weighted load balancing algorithm – इस algorithm में routers पर configure किये गए weight के आधार पर ही traffic को forward किया जाता है। उदाहरण के लिए यदि किसी router की capacity अधिक है तो उसके द्वारा अधिक traffic forward किया जायेगा।
  • Host dependent load balancing algorithm – इस algorithm में fixed configuration होता है। कोई एक host हमेशा packet send करने के लिए एक निश्चित router को ही use करता है। 

GLBP Authentication

GLBP में packets को निचे दिए गए methods द्वारा authenticate किया जाता है। 

  • MD5 authentication 
  • Plain text authentication

GLBP बिना किसी authentication के भी कार्य कर सकता है। ऊपर दिए गए authentication types में MD5 सबसे secure और popular है।