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CCNA in Hindi – Simple Mail Transfer Protocol (SMTP)

  • Introduction to simple mail transfer protocol in Hindi
  • Working of simple mail transfer protocol in Hindi
  • Commands of simple mail transfer protocol in Hindi

Introduction to Simple Mail Transfer Protocol (SMTP)

eMail protocols की श्रेणी में SMTP एक mail transfer protocol है। यह protocol एक eMail server से दूसरे eMail server के बीच mail transfer का कार्य करता है।

SMTP sender (sending machine) से mail लेकर उसे receiver के mail server पर send करता है। SMTP कभी भी receiver (receiver machine) तक eMail नहीं पहुँचाता है।

SMTP सिर्फ receiving side के mail server तक ही email पहुँचाता है। Receiving side पर mail server से eMail को extract करने का कार्य POP और IMAP जैसे protocolos द्वारा किया जाता है।

Application Layer Protocol

SMTP एक application layer protocol है। यह eMail send करने के लिए उपयोग की जाने वाली applications के साथ कार्य करता है। जैसे की Microsoft outlook, Firefox Thunderbird आदि। 

Updated to Extended Simple Mail Transfer Protocol (ESMTP)

SMTP एक बहुत ही सरल protocol है। इससे किसी fake eMail address को भी mail send किया जा सकता है।  SMTP का दुरपयोग किया जा रहा था। 

इससे web में unwanted traffic generate हो रहा था। इसलिए 2008 में इसे update किया गया और ESMTP (Extended Simple Mail Transfer Protocol) को introduce किया गया। 

वर्तमान में ESMTP ही उपयोग में है। यह SMTP से बेहतर service provide करता है और illegal activities को रोकने में मदद करता है।

Defined by RFC 821

Simple mail transfer protocol को RFC 821 द्वारा define किया गया है। 

Uses TCP Port 25

SMTP द्वारा जब mail server के  बीच communication होता है तो उसके लिए TCP port number 25 use किया जाता है।

Works with Other Protocols

आपको एक बात हमेशा ध्यान रखनी चाहिए की SMTP अकेला ही eMail services provide नहीं करता है। दूसरे protocols जैसे की POP, MIME, IMAP आदि एक साथ मिलकर email services provide करते है।

ये सभी protocols अलग अलग tasks perform करने के लिए responsible होते है। 

Working of Simple Mail Transfer Protocol (SMTP)

अपने नाम की ही तरह SMTP बहुत simple तरीके से कार्य करता है। इसे आप निचे दिए गए diagram द्वारा आसानी से समझ सकते है।

Simple-mail-transfer-protocol-in-Hindi

Client Connects with SMTP 

जब कोई user email send करता है तो सबसे पहले वह जिस भी eMail client (application) से eMail कर रहा है वह SMTP से connection establish करता है। यह connection TCP port 25 द्वारा किया जाता है। 

Client Shares Information with SMTP 

एक बार जब eMail client (application) और SMTP के बीच connection establish हो जाता है तो eMail client sender address, receiver address और message body जैसी information SMTP के साथ share करता है। 

SMTP Identifies Domain

eMail client से information प्राप्त करने के बाद SMTP receiver के address को दो भागों में विभाजित करता है। इसमें शुरआत का part username होता है और आखिरी part domain name होता है। Domain name से यह पता चलता है की mail को किस server पर भेजा जायेगा। 

यदि जिस server से send किया जा रहा है उसका और receiver के address का domain name match हो जाता है तो इसका अर्थ है की एक ही mail server के दो address के बीच mail send और receive किया जा रहा है। इस प्रकार के mails को directly Post Office Protocol (POP) को send कर दिया जाता है। 

SMTP Communicates with DNS

Receiver के domain name को प्राप्त करने के बाद SMTP DNS server से connection establish करता है। यह  connection receiver के address से लिए गए domain name का IP address प्राप्त करने के लिए establish किया जाता है। 

इसके बाद DNS server SMTP को receiver के mail server का IP address send करता है।

SMTP Connects with Receivers Mail Server 

इसके बाद SMTP receiver के mail server से connection establish करता है। Connection establish करने के बाद mail उस server को pass कर दिया जाता है। यह कार्य message transport agent (MTA) द्वारा किया जाता है।

वह server sender के mail address को देखकर identify करता है की वह mail उसके server पर available किसी sender side द्वारा pass किये गए receiver के लिए है। इसके बाद उस username के mailbox में उस mail को डाल दिया जाता है।