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CCNA in Hindi – Troubleshooting IPV6 Network

  • Introduction to troubleshooting IPV6 network in Hindi
  • Commands used for troubleshooting IPV6 network in Hindi

Introduction to Troubleshooting IPV6 Network

आप IPV6 protocol के बारे में थोड़ा बहुत पढ़ और सुन चुके होंगे। यह internet protocol का latest version है। इसे अभी तक पूरी तरह web में integrate नहीं किया गया है। इस protcol का पिछला version IPV4 है।

आज इस वक्त हमे बहुत से IP addresses की आवश्यकता है। क्योंकि हर दिन अनेकों devices internet से जोड़े जा रहे है। IPV4 में IP address को 32 bits के होते है। इस वजह से यह protocol आने वाले समय में IP addresses की जरूरत को पूरा नहीं कर पायेगा। यही कारण है की इस protocol को अगला version IPV6 बनाया गया है।

IPV6 को integrate करने की process शुरू कर दी गयी है। आने वाले समय यह पूरी तरह integrate हो जायेगा। यदि आप network administrator बनने जा रहे है तो आपको IPV6 को implement और साथ ही troubleshoot करना भी सिख लेना चाहिए।

Must have Skill for Network Administrator

IPV6  एक future technology है। आने वाले दिनों में सिर्फ इसे ही use किया जायेगा। IPV4 network को troubleshoot करना एक separate tutorial में बताया जा चूका है। यँहा पर IPV6 network को troubleshoot करना बताया जा रहा है।

IPV6 और IPV4 इन दोनों को troubleshoot करने के लिए same ही commands का प्रयोग किया जाता है। यदि आप एक IPV4 network को troubleshoot कर सकते है तो IPV6 network को भी troubleshoot कर सकते है।

Network administrator के रूप में यदि आप IPV6 network को troubleshoot नहीं कर सकते है तो यह आपके career के लिए बुरा साबित हो सकता है।

Commands used for Troubleshooting IPV6 Network 

IPV6 को troubleshoot करते समय प्रयोग की जाने वाली commands के बारे में निचे बताया जा रहा है।

  1. ping – Ping command को end to end connection को check करने के लिए use किया जाता है। यदि आप किसी host का server से communicate नहीं कर पा रहे है तो सबसे पहले आप अपने system से उसे ping करते है। यदि ping successful होता है तो इसका अर्थ यह है की आप और वो host communicate कर सकते है। 
  2. traceroute – यदि आपका ping successful रहा है और फिर भी आप किसी device से communicate नहीं कर पा रहे है तो आप traceroute command को execute करते है। इस command द्वारा आप स्वयं के और उस दूसरे device के बीच के route को trace करते है। यदि route completely trace हो जाता है तो इसका अर्थ यह है की route में आने वाले किसी भी device में कोई problem नहीं है।  
  3. show ipv6 interface brief – Route को check करने के बाद आप interfaces की condition को check करते है। इससे आपको पता चलता है की कँही कोई interface down तो नहीं है। इसके अलावा आप configure किये गए ip address को भी इस command द्वारा देख पाते है। 
  4. Show ipv6 neighbours – इसके बाद आप अपने devices के neighbours के बारे में जानकारी पता करते है। आप देखते है की हर neighbour में information ठीक से configure की गयी है या नहीं। 
  5. ipconfig – कई बार यह भी हो सकता है की gateway सही नहीं configure किया गया है। ऐसे में ipconfig command द्वारा आप gateway की जानकारी प्राप्त कर सकते है। 
  6. netsh interface ipv6 show neighbor – ipconfig command के अलावा आप इस command द्वारा भी default gateway की जानकारी प्राप्त कर सकते है। 
  7. show ipv6 route – इसके बाद आप routing tables को check करने के लिए show ipv6 route command use कर सकते है। 

इन commands को IPV4 troubleshooting के लिए आप पहले भी use कर चुके है। इन्हे उसी प्रकार IPV6 के लिए use किया जाता है।