Kotlin Tutorial in Hindi

Kotlin Tutorial in Hindi

Kotlin Google द्वारा android application development के लिए create की गयी है। Google ने kotlin को android development के लिए official programming language घोषित किया है।

Kotlin java को इस क्षेत्र में replace कर रही है। क्योंकि kotlin में बहुत से ऐसे advanced features को introduce किया गया है जो java में उपलब्ध नहीं है।

Kotlin द्वारा आप कोई भी कार्य java से जल्दी और कम code में perform कर सकते है। Java में कुछ ऐसे drawbacks है जिनको change नहीं किया जा सकता है और जो app development को सिमित बनाते है। Kotlin आपको वे सब features provide करती है जो android app development के लिए अनिवार्य है।

यदि आपने Java पढ़ी हुई है तो आसानी से kotlin सीख सकते है। Kotlin एक functional language भी है और object oriented भी है। Kotlin java के साथ interoperable है।

हालाँकि kotlin और java के code को एक साथ use किया जा सकता है। लेकिन क्योंकि kotlin को android app development के लिए official language घोषित कर दिया गया है। इसलिए अब kotlin को android apps develop करने के लिए अधिक प्रयोग किया जाने लगा है।

यदि आप एक android developer बनना चाहते है तो आपको kotlin programming language को निश्चित रूप से सिख लेना चाहिए। क्योंकि android app development का future kotlin के साथ ही है। Kotlin सिख कर आप android app developer बनने की तरफ अपना पहला कदम बढ़ा सकते है।

इसी बात को ध्यान में रखते हुए Best Hindi Tutorials के readers के लिए Kotlin की सरल और आसानी से समझने योग्य tutorials provide की गयी है। ये सभी tutorials Hindi language में उपलब्ध है। Kotlin के सभी topics को सरल उदाहरणों द्वारा detail से समझाया गया है।

Kotlin tutorial series की सभी tutorials की list निचे provide की जा रही है। आप इनके द्वारा kotlin सीखना शुरू कर सकते है।

Table of Contents

  1. Kotlin Introduction : इस tutorial में आप kotlin के बारे में सामान्य जानकारी प्राप्त करेंगे। Kotlin की history और features के बारे में इस tutorial में detail से बताया गया है।
  2. Kotlin Basic Types : सभी popular languages की तरह kotlin भी data types provide करती है जो की classes के रूप में implement किये गए है। इस tutorial में आप kotlin में available Number, Boolean, Array, Character आदि types के बारे में बताया गया है।
  3. Kotlin Variables : Variables का प्रयोग data को store करने के लिए किया जाता है ताकि उस data के साथ operations perform किये जा सके। इस tutorial में kotlin में var और val keywords द्वारा variables create करना और उनकी values print करना समझाया गया है।
  4. Kotlin Classes : Class object oriented programming में सबसे महत्वपूर्ण element होती है। इस tutorial में आप kotlin में classes, primary और secondary constructors और objects के बारे में जानेंगे।
  5. Kotlin Properties : Properties classes में define की जाती है और private field पर define की जाती है। इस tutorial में kotlin में mutable और immutable properties create करना, late initialized properties create करना और properties को override करना बताया गया है।
  6. Kotlin Class Inheritance : Inheritance के द्वारा एक class दूसरी class के public और protected members को access कर पाती है। इस tutorial में kotlin में inheritance को implement करना और methods और properties को override करना बताया गया है।
  7. Kotlin Visibility Modifiers : Visibility modifiers के माध्यम से program में abstraction implement किया जाता है। इस tutorial में visibility modifiers का परिचय और विभिन्न elements के साथ उनके प्रयोग को विस्तार से बताया गया है।
  8. Kotlin Delegation : Delegation के द्वारा एक class अपने कार्य किसी दूसरी class को delegate कर सकती है। इस tutorial में kotlin में delegation को implement करना और by keyword का प्रयोग करना बताया गया है।
  9. Kotlin Delegated Properties : Delegated properties के माध्यम से आप कई महत्वपूर्ण functionalities achieve कर सकते है। इस tutorial में delegated properties create करना और उन्हें उपयोग करना बताया गया है।
  10. Kotlin Extensions : Extensions के माध्यम से एक class के साथ additional functionalities attach की जाती है। इस tutorial में extension functions और extension properties को create और use करना बताया जायेगा।
  11. Kotlin Interfaces : Interfaces के प्रयोग से classes एक template को implement कर सकती है। इस tutorial में kotlin में interfaces create करना और उन्हें उपयोग करना बताया गया है।
  12. Kotlin Sealed Classes : Sealed classes restricted type hierarchies को represent करने के लिए use की जाती है। इस tutorial में आप sealed classes define करना और use करना सीखेंगे।
  13. Kotlin Nested & Inner Classes : एक class के अंदर आप दूसरी class भी create कर सकते है। ऐसी classes nested और inner दो प्रकार की होती है। इस tutorial में आप kotlin में nested और inner classes create करना सीखेंगे। इसके अलावा आप anonymous inner class भी create करना सीखेंगे।
  14. Kotlin Enum Classes : Kotlin में enum type को classes के रूप में implement किया जाता है। इस tutorial में enum classes create करना और उनके साथ कार्य करना सीखेंगे।
  15. Kotlin Inline Classes : Kotlin में inline classes का concept provide किया गया है जिन्हें wrap करने पर भी extra overhead नहीं बढ़ता है।
  16. Kotlin Generics : Generic mechanism से आप ऐसा code लिख सकते है जो कई types के साथ execute किया जा सकता है। इस tutorial में kotlin में generic code लिखना बताया गया है।
  17. Kotlin Control Flow : Control flow statements का प्रयोग program के flow को control करने के लिए किया जाता है। इस tutorial में आप kotlin में available control flow statements को बताया गया है।
  18. Kotlin Packages : Packages का प्रयोग multiple kotlin files को organize करने के लिए किया जाता है। इस tutorial में kotlin में packages create करना और default kotlin package के बारे में बताया गया है।
  19. Kotlin Collections : Collections के द्वारा data को अलग अलग प्रकार से store और process किया जा सकता है। इस tutorial में आप kotlin में available different collections के बारे में जानेंगे।
  20. Kotlin Ranges :  Kotlin में आप values की ranges create करके उन पर operations perform करने की ability provide करती है। इस tutorial में ranges के साथ कार्य करना और primitive type ranges के बारे में बताया गया है।
  21. Kotlin Annotations : Annotation के माध्यम से code के साथ metadata attach किया जाता है। इस tutorial में kotlin meta annotations और annotations create करना बताया गया है।
  22. Kotlin Equality : सभी programming languages में equality अलग अलग प्रकार से compare की जाती है। इस tutorial में आप kotlin में available structural और referential equality provide की जाती है।
  23. Kotlin This Expression : This expression का प्रयोग current object को refer करने के लिए किया जाता है। इस tutorial में आप जानेंगे की kotlin में this keyword का प्रयोग extension function के receiver type को denote करने के लिए किया जाता है।
  24. Kotlin Exceptions :  सभी programming languages की तरह kotlin भी आपको exception handling mechanism provide करती है। इस tutorial में kotlin में आप exceptions को handle करना बताया गया है।
  25. Kotlin Type Checking & Casting : Kotlin आपको type checking के लिए कुछ operators provide करती है जो smart casting perform करते है। इस tutorial में आप kotlin में type checking और casting करना सीखेंगे।
  26. Kotlin Null Safety : Kotlin के सबसे महत्वपूर्ण features में से एक null safety है। इस tutorial में आप kotlin में available nullable और non-null references के बारे में जानेंगे और उनके साथ null safety achieve करना सीखेंगे।
  27. Kotlin Destructuring Declarations : Kotlin आपको एक object को destructure करके उसके variables को independently उपयोग करने की ability provide करती है। इस tutorial में आप objects के destructuring declarations define करना सीखेंगे।

आशा है की Best Hindi Tutorials द्वारा किया गया यह प्रयास आपको पसंद आएगा।