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Linux in Hindi – Architecture

  • Introduction to linux architecture in Hindi
  • Linux kernel in Hindi
  • Linux system libraries in Hindi

Introduction to Linux Architecture

Linux एक open source, unix based operating system है। Linux operating system का architecture Unix operating system के आधार पर बनाया गया है।

Linux architecture कई components से मिलकर बना हुआ है। ये सभी components एक साथ मिलकर operating system कहलाते है।

Linux architecture में hardware को यदि operating system का हिस्सा न माने तो बाकी सभी components software होते है। सभी components अपने level पर अलग अलग tasks perform करने के लिए responsible होते है।

दूसरे level के कार्य के लिए ये components एक दूसरे से सम्पर्क भी करते है और एक साथ मिलकर कार्य करते है।

Linux architecture का एक सरल प्रारूप निचे प्रस्तुत किया गया है। इसमें hardware level से लेकर end user level तक के सभी components जो linux operating को बनाते है उनको दर्शाया गया है।

Linux-architecture-in-Hindi

Linux architecture के components के बारे में detail से आगे बताया जा रहा है।

Hardware

Linux architecture में सबसे lowest level पर hardware होता है। असल में hardware operating system का part नहीं होता है। Operating system और hardware अलग अलग होते है। Hardware द्वारा विभिन्न tasks perform करने के लिए ही operating system create किया जाता है।

Hardware में विभिन्न hardware devices होते है। जैसे की RAM, CPU, Input/Output devices आदि hardware होते है। इन सभी hardware devices से interact करने के लिए operating system में अलग अलग programs होते है। उदाहरण के लिए disk organizer program का कार्य disk को organize करना होता है।

Hardware level से directly operating system का kernel program connected रहता है।

Kernel

Kernel core operating system होता है। हालाँकि दूसरे components भी operating system का ही हिस्सा होते है। लेकिन सही मायनों में kernel ही असल operating system होता है।  Kernel program ही hardware और दूसरे programs के बीच connection establish करता है। इस program की जिम्मेदारी hardware resources को manage करना होती है।

इसके अलावा device management, memory management, process management और system calls को handle करना जैसे कार्य भी इसी program द्वारा किये जाते है। 

Shell

Shell एक utility होती है जो user requests को process करती है। Command को read और process करना ही shell program की जिम्मेदारी होती है।

Shell program kernel से directly connected होता है। आपके द्वारा दी गयी command shell kernel को भेजता है जिसके आधार पर kernel resources का उपयोग allow करता है। 

System Libraries

System libraries वे programs होते है जो system को कार्यान्वित रखने के लिए आवश्यक होते है। System libraries के द्वारा ही kernel द्वारा कोई task perform करवाया जाता है। कोई भी task kernel खुद नहीं perform करता है बल्कि system libraries द्वारा system calls generate किये जाते है जिनके response में kernel वह task perform करता है।

Operating system की basic functioning के लिए system libraries ही responsible होती है। System libraries के बिना operating system कार्य नहीं कर सकता है। 

System Utilities

System utilities कुछ programs का set होता है। इन utilities का प्रयोग system के रखाव के लिए user द्वारा किया जा सकता है। जैसे की disk cleaner, device manager और disk optimizer आदि system tools ज्यादातर सभी operating systems में होते है।

Development Tools

Developement tools वे tools होते है जो जरुरत पड़ने पर operating system में बदलाव करने में सक्ष्म होते है। ये tools operating system को update और किसी error आदि के case में troubleshoot करने के लिए प्रयोग किये जाते है।

End User Tools

End user tools वे tools होते है जो user द्वारा primarily use किये जाते है। जैसे की browser, music player आदि end user tools होते है।

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